वो पहली बारिश कैसी हो | Poem on rain


वो पहली बारिश कैसी हो – is a romantic poem on first rain.

बारिश की बूंदों ने जब हमें छुआ,
एक ख्याल सा दिल में उमड़ा…

वो पहली बारिश कैसी हो,
वो हर एक खुमार कैसा हो…

बारिश की बूँदो के बीच एक सफ़र हम तय करें,
जिस रास्ते की कोई मंज़िल ना हो, ऐसी डगर हम तय करे…

तेरे कंधे पे मेरा सर हो, तेरे हाथ मे मेरा हाथ,
सांसो को हम सुन सके, इतने हम पास हो…

एक तरफ गरमा गरम पकौड़ो की आंच, एक तरफ तेरे साथ की गर्माहट,
चाय की चुस्कियों में, दुनिया का हर शोर, हो जाए गुम.

तेरे बालों से टपकती बूंद को हम झटक ले,
फिर उन बूँदो सा कही भटक ले…

वो पहली बारिश कैसी हो,
जैसी भी हो तेरे साथ सी प्यारी हो…

-Deepika Janiyani

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6 thoughts on “वो पहली बारिश कैसी हो | Poem on rain

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